चंडीगढ़: पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने आज राज्य सरकार की पंजाब और पंजाबियों के प्रति समर्पित भावना और ईमानदारी से सेवा करने की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि पंजाब सरकार एक गतिशील और प्रगतिशील ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के उद्देश्य से राज्य को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने के लिए समर्पित भावना के साथ कार्य कर रही है।
16वीं पंजाब विधानसभा के बारहवें बजट सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कृषि, बुनियादी ढांचे, शासन व्यवस्था, जनकल्याण, उद्योग और सार्वजनिक सेवाओं के क्षेत्र में पंजाब सरकार द्वारा किए गए विभिन्न प्रयासों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए पंजाब सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा, “पंजाब सरकार एक मजबूत, समग्र और जन-केंद्रित स्वास्थ्य व्यवस्था स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो 23 जिला अस्पतालों, 42 उप-डिवीजनल अस्पतालों, 162 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, 523 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, 881 आम आदमी क्लीनिकों और 2453 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रही है। यह व्यवस्था राज्य के प्रत्येक नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब भर में 881 आम आदमी क्लीनिकों में 107 प्रकार की दवाइयाँ और 47 प्रकार के टेस्ट मुफ्त उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक ओपीडी में 4.7 करोड़ से अधिक लोग इन सेवाओं का लाभ उठा चुके हैं, जिनमें 1.55 करोड़ गंभीर बीमारियों के मरीज शामिल हैं। वर्ष 2025–26 में यह संख्या दो करोड़ से भी अधिक हो चुकी है। इसके अतिरिक्त 240 नए आम आदमी क्लीनिक जल्द ही शुरू किए जाएंगे।”
राज्यपाल ने कहा, “पंजाब में आम आदमी क्लीनिकों में शुरू की गई मातृ एवं शिशु देखभाल सेवाओं ने मातृ मृत्यु दर को 105 से घटाकर 90 करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जो सुरक्षित मातृत्व के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इसके अलावा, इन क्लीनिकों में रेबीज विरोधी टीकाकरण सेवाएं भी शुरू की गई हैं।”
स्वास्थ्य कर्मियों की मजबूती पर जोर देते हुए राज्यपाल ने कहा, “पंजाब सरकार ने इतिहास में डॉक्टरों की अब तक की सबसे बड़ी भर्ती की है। वर्ष 2022 से अब तक सरकारी अस्पतालों के लिए 934 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है, जो वर्तमान में राज्य में कार्यरत कुल डॉक्टरों का लगभग 25 प्रतिशत है।”
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार लगभग 400 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती और सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है, जो विशेषज्ञ सेवाओं के सबसे बड़े विस्तार को दर्शाता है। इसी प्रकार 400 नर्सिंग स्टाफ की भर्ती लगभग पूरी हो चुकी है, जबकि 500 अतिरिक्त पदों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है।”
व्यापक स्वास्थ्य कवरेज का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा, “पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत राज्य की पूरी आबादी को 100 प्रतिशत स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था लागू की है। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से 2356 मेडिकल और सर्जिकल प्रक्रियाओं के लिए प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। पंजाब और चंडीगढ़ में ऐसे अस्पतालों की संख्या लगभग 900 है।”
उन्होंने आगे कहा, “इस योजना के तहत प्रत्येक पंजाबी को कैशलेस इलाज के लिए स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाएगा।”
सड़क सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के बारे में बोलते हुए राज्यपाल ने कहा, “पंजाब सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से ‘फरिश्ते’ और ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ की शुरुआत की है। ‘फरिश्ते’ योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है और घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने वाले परोपकारी नागरिकों को 2,000 रुपये और प्रशंसा प्रमाणपत्र भी दिया जाता है। इस पहल के माध्यम से अब तक 600 से अधिक सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर सहायता मिल चुकी है।”
तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के विकास का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने पंजाब इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज को शुरू करके उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की ऐतिहासिक पहल की है। दिसंबर 2025 में पहले सफल लिवर ट्रांसप्लांट के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के अंतर्गत लिवर ट्रांसप्लांट सेवाएं औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मई 2026 से सरकारी मेडिकल कॉलेज पटियाला और सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर में किडनी ट्रांसप्लांट सेवाएं शुरू करने की योजना है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में एक नया मील का पत्थर साबित होगा।”
Disclaimer : PunjabTodayNews.com and other platforms of the Punjab Today group strive to include views and opinions from across the entire spectrum, but by no means do we agree with everything we publish. Our efforts and editorial choices consistently underscore our authors’ right to the freedom of speech. However, it should be clear to all readers that individual authors are responsible for the information, ideas or opinions in their articles, and very often, these do not reflect the views of PunjabTodayNews.com or other platforms of the group. Punjab Today does not assume any responsibility or liability for the views of authors whose work appears here.
Punjab Today believes in serious, engaging, narrative journalism at a time when mainstream media houses seem to have given up on long-form writing and news television has blurred or altogether erased the lines between news and slapstick entertainment. We at Punjab Today believe that readers such as yourself appreciate cerebral journalism, and would like you to hold us against the best international industry standards. Brickbats are welcome even more than bouquets, though an occasional pat on the back is always encouraging. Good journalism can be a lifeline in these uncertain times worldwide. You can support us in myriad ways. To begin with, by spreading word about us and forwarding this reportage. Stay engaged.
— Team PT
