चंडीगढ़: पंजाब राज्य में मतदाता सूचियों की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को पूरी पारदर्शी तरीके से निपटाया जाएगा। यह प्रकटावा आज यहां मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब श्रीमती अनिंदिता मित्रा द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आज एक नोटिफिकेशन जारी करके पंजाब राज्य में मतदाता सूचियों की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन करवाने के आदेश जारी किए गए हैं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब श्रीमती अनिंदिता मित्रा ने बताया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत पंजाब राज्य में 25 जून, 2026 से 24 जुलाई, 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं के फॉर्म भरवाएंगे। इस कार्य के लिए 24453 बीएलओ, 2476 सुपरवाइजर, 117 ईआरओ और 234 एईआरओ समेत पूरा निर्वाचन अमला लगाया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक बीएलओ को औसतन 300 घर और 1200 मतदाता ही एसआईआर के लिए दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब द्वारा पंजाब राज्य में एसआईआर करवाने संबंधी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि एसआईआर संबंधी बीएलओ को प्रशिक्षण देने और अन्य तैयारियों संबंधी काम 15 जून, 2026 से 24 जून, 2026 तक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य हर योग्य नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना और अयोग्य व्यक्तियों को सूची से बाहर करना है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि दोहरा वोट रखना भारत संविधान के अनुसार अपराध है, जिसके लिए एक साल तक की कैद की सजा है।
श्रीमती मित्रा ने बताया कि सूबे के सभी मतदाताओं को एसआईआर के तहत फॉर्म भरना होगा। उन्होंने बताया कि कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब द्वारा की गई प्री-एसआईआर मैपिंग के तहत सूबे के 2 करोड़ 14 लाख 57 हजार 160 मतदाताओं में से 1 करोड़ 79 लाख 56 हजार 656 मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है, जो कि कुल मतदाताओं का 83.69 फीसद बनता है। उन्होंने बताया कि पंजाब राज्य के ग्रामीण इलाकों में 89.58 फीसदी मैपिंग हो चुकी है, जबकि शहरी क्षेत्रों में 73 फीसदी मैपिंग का काम पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूचियों की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के लिए 1 जनवरी, 2003 को पात्रता तिथि निर्धारित की गई है। इसके साथ ही एसआईआर के बारे में अन्य जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पोलिंग स्टेशनों को युक्तिसंगत करने का कार्य 24-07-2026 तक किया जाएगा और मतदाता सूची का मसौदा 31-07-2026 को प्रकाशित किया जाएगा। मतदाता सूचियों संबंधी आपत्तियां और दावे 31-07-2026 से 30-08-2026 तक पेश किए जा सकते हैं। आपत्तियों और दावों का निपटारा 31-07-2026 से 28-09-2026 तक किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 01-10-2026 को किया जाएगा। श्रीमती अनिंदिता मित्रा ने पंजाब राज्य के समस्त मतदाताओं से अपील की कि वे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों की करवाई जा रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन में बीएलओ को पूरा सहयोग करें। उन्होंने यह भी बताया कि सूबे के मतदाताओं की सुविधा के लिए पात्रता तिथि 1 जनवरी, 2003 वाली मतदाता सूचियों के साथ वर्तमान मतदाता सूचियों को जोड़ दिया गया है, जिससे सूबे के मतदाताओं को पुरानी मतदाता सूचियों को ढूंढने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी।
श्रीमती अनिंदिता मित्रा ने बताया कि बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूचियों की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन संबंधी फॉर्म भरवाएंगे और फॉर्म को पुनः प्राप्त करने के लिए मतदाताओं के घर जाकर तीन बार उनसे संपर्क करेंगे। उन्होंने बताया कि एसआईआर के दौरान आधार कार्ड को केवल पहचान के स्रोत के तौर पर ही मान्यता दी गई है, न कि पहचान के सबूत के तौर पर।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पंजाब राज्य की समस्त राजनीतिक पार्टियों से अपील की कि वे अपने ब्लॉक लेवल एजेंट जरूर नियुक्त करें ताकि यह कार्य निर्विघ्न ढंग से निपट सके। उन्होंने बताया कि कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के हर चरण पर राजनीतिक पार्टियों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसी कड़ी के तहत वह कल दिनांक 15-05-2026 को राज्य की राजनीतिक पार्टियों के साथ बैठक करेंगे और एसआईआर संबंधी संपूर्ण जानकारी देंगे।
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