April 10, 2026

  • Facebook Icon
  • Twitter Icon
  • Youtube Icon
  • Instagram Icon

राज्यपाल ने युवाओं से समाज के सबसे निचले स्तर पर खड़े व्यक्ति के आंसू पोंछने का आह्वान किया

पटियाला: पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने आज सरकारी महिंद्रा कॉलेज, पटियाला के 150वें स्थापना दिवस ‘सफर-ए-फख्र’ समारोह के समापन अवसर पर शिरकत करते हुए कॉलेज की शानदार विरासत और शिक्षा के क्षेत्र में उसके ऐतिहासिक योगदान की सराहना की।

राज्यपाल कटारिया ने इस दौरान युवा विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा का उपयोग समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति के आंसू पोंछने और राष्ट्र निर्माण के लिए करने का आह्वान किया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने इस ऐतिहासिक एवं विरासत से जुड़े कॉलेज से जुड़े रहने तथा अपनी बुद्धिमत्ता और अनुभव से युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर उन्होंने कॉलेज में 150वें स्थापना दिवस की स्मृति को स्थायी बनाने के लिए स्मारक हर्बल गार्डन, हेरिटेज रूम और विंटेज फोटो गैलरी का उद्घाटन किया तथा इन पहलों को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि ये प्रयास कॉलेज की समृद्ध विरासत को संरक्षित रखने और इसे नई पीढ़ी से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने स्मारक मैगजीन के प्रकाशन को बौद्धिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण दस्तावेज बताया।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि सरकारी महिंद्रा कॉलेज केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि ज्ञान, चरित्र और परंपरा का प्रतीक है, जिसने डेढ़ सदी से अधिक समय से पीढ़ियों को शिक्षित किया है और देश के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने कहा कि 1875 में स्थापित इस संस्थान ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आधुनिक तकनीकी युग तक कई महत्वपूर्ण पड़ाव देखे हैं और बदलते समय के बावजूद इसकी उत्कृष्टता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता अटूट रही है।

कॉलेज के इतिहास का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इसकी स्थापना पटियाला के महाराजा महिंदर सिंह द्वारा की गई थी, इसका शिलान्यास तत्कालीन वायसराय लॉर्ड नॉर्थब्रुक द्वारा और उद्घाटन लॉर्ड रिपन द्वारा किया गया था। उन्होंने कहा कि यह संस्थान शुरू से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समावेशी दृष्टिकोण का प्रतीक रहा है तथा स्नातक स्तर तक छात्राओं को मुफ्त शिक्षा देने की परंपरा आज भी जारी है।

संस्थान की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि कॉलेज को भारत सरकार द्वारा स्मारक डाक टिकट से सम्मानित किया गया है और नैक ‘ए’ ग्रेड, यूजीसी के “कॉलेज विद पोटेंशियल फॉर एक्सीलेंस” और “स्टार कॉलेज” जैसी मान्यताएं इसकी उत्कृष्टता की पुष्टि करती हैं। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से नवाचार, अनुसंधान, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कौशल विकास के क्षेत्रों में नए अवसर विकसित करने का आह्वान किया।

Guv Mohindra Foundationअध्यापकों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और जीवन निर्माण की प्रक्रिया है। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा की कि वे विद्यार्थियों को केवल परीक्षाओं के लिए ही नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए भी तैयार करें।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में शिक्षा बहुआयामी, समावेशी और कौशल आधारित होनी चाहिए, जो विद्यार्थियों में नेतृत्व और नवाचार को प्रोत्साहित करे।

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने उन्हें बड़े सपने देखने, असफलताओं से सीखने और अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी देश के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें अपनी शिक्षा का उपयोग समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण के लिए करना चाहिए।

पूर्व विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उन्होंने उन्हें संस्थान से जुड़े रहने और अपने अनुभवों से युवा पीढ़ी का मार्गदर्शन करने की अपील की। राज्यपाल ने सरकारी महिंद्रा कॉलेज, पटियाला की निरंतर प्रगति और उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए सभी को बधाई दी।

कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. निष्ठा त्रिपाठी ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कॉलेज की उपलब्धियों की जानकारी दी। कॉलेज की ओर से राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। इस अवसर पर 21 पूर्व अध्यापकों, 4 चतुर्थ श्रेणी और 6 तृतीय श्रेणी कर्मचारियों सहित 20 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। वाइस प्रिंसिपल लवलीन परमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव वी.पी. सिंह, पंजाबी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. जगदीप सिंह, जगत गुरु नानक देव पंजाब स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. रतन सिंह, एडीसी सिमरप्रीत कौर, एसडीएम नमन मारकन सहित कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल, पूर्व एवं वर्तमान अध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित थे।

Disclaimer : PunjabTodayNews.com and other platforms of the Punjab Today group strive to include views and opinions from across the entire spectrum, but by no means do we agree with everything we publish. Our efforts and editorial choices consistently underscore our authors’ right to the freedom of speech. However, it should be clear to all readers that individual authors are responsible for the information, ideas or opinions in their articles, and very often, these do not reflect the views of PunjabTodayNews.com or other platforms of the group. Punjab Today does not assume any responsibility or liability for the views of authors whose work appears here.

Punjab Today believes in serious, engaging, narrative journalism at a time when mainstream media houses seem to have given up on long-form writing and news television has blurred or altogether erased the lines between news and slapstick entertainment. We at Punjab Today believe that readers such as yourself appreciate cerebral journalism, and would like you to hold us against the best international industry standards. Brickbats are welcome even more than bouquets, though an occasional pat on the back is always encouraging. Good journalism can be a lifeline in these uncertain times worldwide. You can support us in myriad ways. To begin with, by spreading word about us and forwarding this reportage. Stay engaged.

— Team PT

Punjab Today Logo (hindi)