March 7, 2026

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जब तक पंजाब में ‘आप’ सरकार है, मुफ्त बिजली जारी रहेगी: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

संगरूर: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि पंजाब सरकार के आगामी बजट में आर्थिक विकास को गति देने के साथ-साथ लोगों के कल्याण के उद्देश्य से कई नई जन-पक्षीय पहलें की जाएंगी। जिला संगरूर में “लोक मिलनी” कार्यक्रम के दौरान एकत्रित लोगों को संबोधित करते हुए और बाद में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने पिछले चार वर्षों के दौरान जनता के पैसे का जिम्मेदारी से उपयोग किया है।

राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई गई है, 881 आम आदमी क्लीनिक स्थापित किए गए हैं और बिना रिश्वत या सिफारिश के 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेतृत्व का पंजाब की जमीनी हकीकत से नाता टूट चुका है और उन्हें सत्ता में वापस आने के सपने देखना बंद कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहां पंजाब के युवाओं को रोजगार के अवसरों की जरूरत है, वहीं सुखबीर सिंह बादल गांवों में ताश के टूर्नामेंट करवाने की बात कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दलों ने पंजाब पर कर्ज का भारी बोझ डाला और अपने हितों के लिए काम किया, जबकि मौजूदा पंजाब सरकार सरकारी खजाने के एक-एक पैसे का उपयोग जनता के कल्याण के लिए कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार की भी आलोचना करते हुए कहा कि पंजाब के फंड रोकने के साथ-साथ ध्रुवीकरण की राजनीति के जरिए लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है।

लोक मिलनी कार्यक्रम के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार के आगामी बजट में राज्य के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ कई जन-पक्षीय पहलें पेश की जाएंगी। पिछले चार वर्षों में पंजाब सरकार ने करदाताओं के पैसे को समझदारी से खर्च करते हुए राज्य के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया है। आने वाला बजट लोगों को राहत देने वाली कई योजनाओं पर केंद्रित होगा। पंजाब के इतिहास में पहली बार बजट रविवार को पेश किया जाएगा और यह राज्य के आर्थिक विकास को और तेज करेगा।”

Bhagwant Mann Publicमुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार जनता के हित में सार्वजनिक धन का अत्यंत सावधानीपूर्वक उपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए मुफ्त बिजली और दिन के समय बिजली आपूर्ति जैसी महत्वपूर्ण पहल ने घरों और किसान समुदाय को बड़ी राहत दी है।

उन्होंने कहा, “आज पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।”
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब देश की संपत्तियां केंद्र सरकार द्वारा अपने करीबी मित्रों को सस्ते दामों पर सौंपी जा रही हैं, पंजाब सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रचा है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को काफी मजबूत किया है और चिकित्सा सेवाओं तक लोगों की पहुंच बढ़ाई है। उन्होंने कहा कि लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं और सरकारी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, “व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की है, जिसके तहत पंजाब के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाता है। इस प्रकार की व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने वाला पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है।”

नशों के खिलाफ अभियान के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने “युद्ध नशों विरुद्ध ” अभियान शुरू किया है, जिसके तहत नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ा गया है और इस घृणित अपराध में शामिल लोगों को जेल में डाला गया है। लोगों के सक्रिय सहयोग से नशे के इस कलंक को जमीनी स्तर पर खत्म करने की कोशिश की जा रही है और यह अभियान अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की मौजूदा वित्तीय स्थिति पिछली सरकारों की नीतियों का परिणाम है, जिन्होंने राज्य पर भारी कर्ज का बोझ डाल दिया था। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के नेताओं ने आम आदमी की चिंता नहीं की और राज्य पर कर्ज बढ़ाते रहे। पिछले चार वर्षों में पंजाब सरकार ने राज्य के कर्ज में 35 प्रतिशत से अधिक की कमी लाई है। उन्होंने कहा कि हर सरकार कर्ज लेती है, लेकिन वह कर्ज उत्पादक उद्देश्यों के लिए होना चाहिए।राज्य के खजाने का हर एक पैसा लोगों के भले और पंजाब के विकास के लिए है।

मुख्यमंत्री ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि असली मुद्दों को हल करने के बजाय लोगों को बांटने वाली राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा धर्म के आधार पर देश को बांटने की कोशिश की है। पंजाब में धार्मिक परिवर्तन के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री का बयान भी लोगों को बांटने की कोशिश है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने देश की आजादी की लड़ाई, खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता और देश की सीमाओं की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, लेकिन इसके बावजूद केंद्र सरकार ने पंजाब के ग्रामीण विकास कोष और अन्य फंड रोक दिए हैं, जिससे राज्य के विकास पर असर पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सस्ती राजनीति करने के बजाय केंद्र सरकार को तुरंत पंजाब के फंड जारी करने चाहिए ताकि राज्य का विकास तेजी से हो सके।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने चल रही जंग के मद्देनज़र खाड़ी क्षेत्र में फंसे पंजाबियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने 370 पंजाबियों की पहचान की है जो जारी संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं। हमने इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने उठाया है और उन्हें वापस लाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पंजाब सरकार मध्य-पूर्वी देशों में फंसे पंजाबियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए दृढ़ संकल्पित है और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने “लोक मिलनी” कार्यक्रम के दौरान लोगों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा कि ये कार्यक्रम सीधे तौर पर लोगों से जुड़ने के लिए गांवों की सांझी जगहों पर आयोजित किए जाते हैं। इन स्थानों का ग्रामीण जीवन में बहुत महत्व है क्योंकि यहां विकास से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए जाते हैं और गांववासियों के विवाद आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाए जाते हैं।

मुख्यमंत्री ने सुखबीर सिंह बादल की टिप्पणी पर कटाक्ष करते हुए गांवों में ताश (सीप) प्रतियोगिताएं करवाने के उनके सुझाव की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सुखबीर सिंह बादल कहते हैं कि वे गांवों में ताश (सीप) प्रतियोगिताएं करवाएंगे और विजेता गांव को 10 लाख रुपये की ग्रांट दी जाएगी। ऐसे बयान देने के बजाय उन्हें यह बताना चाहिए कि वे उन युवाओं को नौकरियां क्यों नहीं दे सकते जो ये ताश प्रतियोगिताएं खेलते हैं। उन्होंने कहा कि सुखबीर बादल जमीनी हकीकत से अनजान हैं क्योंकि उन्होंने पहाड़ी या विदेशों में स्थित कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ाई की है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोगों ने जन-विरोधी नीतियों वाली पारंपरिक पार्टियों को नकार दिया है। उन्होंने कहा, “सुखबीर सिंह बादल को दिन में सपने देखना बंद कर देना चाहिए क्योंकि पंजाब के लोग उन्हें कभी भी सत्ता में वापस नहीं लाएंगे। पंजाब सरकार 16 मार्च को जनता की सेवा के चार वर्ष पूरे करेगी और इस दौरान कई जन-पक्षीय कदम उठाए गए हैं। आज पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है और किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है, जो कि एक बड़ी उपलब्धि है।”

बिजली उत्पादन से जुड़े मामलों और पिछली सरकारों के फैसलों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “झारखंड की पचवाड़ा कोल खान से कोयले की आपूर्ति इसलिए रोक दी गई थी क्योंकि सुखबीर सिंह बादल अपनी एक करीबी कंपनी को लाभ पहुंचाना चाहते थे। अकाली नेतृत्व ने अपनी ही कंपनियों के साथ समझौते करके पंजाब को बहुत महंगी दरों पर सौर ऊर्जा उपलब्ध करवाई, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले किसानों को बिजली की प्रतीक्षा में रातें खेतों में गुजारनी पड़ती थीं, लेकिन आज उन्हें दिन के समय बिजली मिल रही है।”

मुख्यमंत्री ने सिंचाई और जल प्रबंधन में हुए सुधारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “जब पंजाब सरकार ने कार्यभार संभाला था, उस समय केवल 21 प्रतिशत नहरी पानी खेतों की सिंचाई के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। आज पंजाब में 68 प्रतिशत नहरी पानी सिंचाई के लिए उपयोग किया जा रहा है। पानी को खेतों के अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए 6,900 किलोमीटर खालों और 18,349 जल मार्गों (माइनरों/डिस्ट्रिब्यूटरी चैनलों) को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे किसानों को बड़ा लाभ मिला है।”

रोजगार और शिक्षा सुधारों के क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां युवाओं को बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के दी गई हैं, जिससे समाज के हर वर्ग में संतोष है।”

उन्होंने कहा, “शिक्षा के क्षेत्र में पूरे पंजाब में ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ स्थापित किए गए हैं ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, वैज्ञानिक तरीके से पढ़ाई के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएं और शारीरिक फिटनेस के लिए खेल मैदान उपलब्ध हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाने के लिए शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विदेशों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। “विशेष कार्यक्रम शुरू किए गए हैं जिनके तहत शिक्षकों और प्रिंसिपलों को विदेशों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है, ताकि वे आधुनिक शिक्षण तकनीकों को अपनाकर विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर सकें।”

उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण (नेशनल अचीवमेंट सर्वे ) में पंजाब ने केरल को भी पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है। विद्यार्थियों को सशस्त्र बलों की तैयारी तथा नीट , जे ई ई , सी एल ए टी और निफ्ट एंट्रेंस एग्जाम जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग भी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी अब महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट जैसी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली नेतृत्व ने राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग किया है, जिसे पंजाब के लोग कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक दल यह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि एक आम आदमी का बेटा पंजाब को प्रभावी ढंग से चला रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों ने पारंपरिक पार्टियों को इसलिए नकार दिया क्योंकि उन्होंने जनहित के बजाय पारिवारिक हितों को प्राथमिकता दी।

उन्होंने कहा, “पंजाब के लोगों का पारंपरिक राजनीतिक दलों से मोहभंग हो गया है क्योंकि उनकी नीतियां जन-विरोधी और पंजाब-विरोधी रही हैं। पिछले शासक पंजाब और पंजाबियों की जगह अपने परिवारों की ज्यादा चिंता करते थे, इसलिए लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया। सत्ता संभालने के बाद पंजाब सरकार ने राज्य और उसके लोगों की प्रगति तथा समृद्धि पर ध्यान केंद्रित किया है।”

अकाली नेतृत्व की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “जो नेता अपनी ही पार्टी में समिति बनाने के लिए 11 सदस्य भी नहीं ढूंढ पा रहे, वे पंजाब की 117 सीटें जीतने के सपने देख रहे हैं। इन नेताओं ने पंजाब में गैंगस्टरों को बढ़ावा दिया और नशा तस्करों को संरक्षण देकर युवाओं की नसों में नशा भर दिया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोग अकाली नेतृत्व को उसके पिछले कार्यों के कारण आगे भी नकारते रहेंगे।

उन्होंने कहा, “अकाली दल अब राजनीतिक रूप से सूखे पेड़ों की पार्टी बन चुका है, जिन्हें बार-बार पानी देने पर भी हरा होने की उम्मीद नहीं की जा सकती। वे धर्म का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन अब पंजाब के लोग गुमराह नहीं होंगे। अकाली नेतृत्व लोगों को भ्रमित करने के लिए हवाई किले बना रहा है, परंतु पंजाब के लोग उन्हें फिर करारा जवाब देंगे।”

पिछले विवादों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सुखबीर सिंह बादल यह दावा करते हैं कि पंजाब में सारा विकास उनके शासनकाल में हुआ, लेकिन वे बरगाड़ी और बहिबल कलां जैसी बेअदबी की घटनाओं को नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का उपयोग करके लोगों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई गई और अकाली नेतृत्व उन ताकतों के साथ मिला हुआ है जो पंथ और पंजाब के खिलाफ हैं।

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